बेगूसराय में मंगलवार की शाम अपराधियों ने जो तांडव मचाया उसने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल बिहार पुलिस पर उठ रहा है. नेशनल हाइवे पर 30 किलोमीटर तक फायरिंग करने वाले अपराधी जिस रास्ते से गुजरे उस पर दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार सड़क किनारे पुलिस के 3 थाने व आधा दर्जन ओपी हैं. अपराधियों ने चार थानों के इलाके में गोलियां चलायी. सवाल ये उठ रहा है कि हत्यारे जब आम लोगों पर बीच सड़क पर गोलियां चला रहे थे तो पुलिस कहां थी. हत्यारे जिस रास्ते से गुजरे उसमें किसी थाने या ओपी की पुलिस एक्शन में होती या फिर कोई गश्ती गाड़ी सही में गश्त कर रही होती तो अपराधी आराम से बचकर निकल नहीं गये होते.
बेगूसराय में सनकी बाइक सवार दो बदमाशों द्वारा बछवाड़ा से लेकर चकिया तक के 30 किलोमीटर की दूरी तक गोलीबारी करने के बाद सुरक्षित बेगूसराय की सीमा से निकल जाने के बाद पुलिस के 24 घंटे गश्ती व उसकी जीपीएस मानिटरिंग के दावे खोखले साबित हुए हैं। बछवाड़ा से राजेंद्र पुल तक पहुंचने में बाइक सवार अपराधियों को कम से कम 60 मिनट का समय लगा होगा लेकिन एक घंटे में भी तीन थाना व आधा दर्जन ओपी पुलिस बाइक सवार अपराधियों को नहीं पकड़ सकी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बाइक सवार दोनों बदमाश सिमरिया स्थित राजेंद्र पुल पार करते हुए पटना जिला की सीमा में प्रवेश कर गए।
ऐसे दिया गया घटनाओं को अंजाम
स्थानीय लोगों से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक अपराधियों ने मंगलवार की शाम लगभग सवा पांच बजे से अपना तांडव शुरू किया था. गोली मारने की पहली घटना करीब 5.15 बजे बछवाड़ा में हुई. जहां बाइक सवार अपराधियों ने गोधना गांव के पास गोलियां बरसायी, जिसमें 22 साल के नीतीश कुमार को गोली लगी. इसके बाद अपराधी मुजफ्फरपुर-बेगूसराय राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-28 पर आगे बढ़े. अपराधियों ने दूसरी घटना को तेघड़ा थाना क्षेत्र के अयोध्या चौक के पास अंजाम दिया. वहां रघुनंदपुर के रहने वाले दीपक कुमार को गोली मार दी.
अपराधी हाथ में पिस्टल लिये ताबड़तोड फायरिंग कर रहे थे औऱ पुलिस का कहीं अता-पता नहीं था. पहली घटना के बाद लोगों ने समझा कि आपसी रंजिश में गोलीबारी हुई है लेकिन जब दूसरी घटना हुई तो लोगों में दहशत फैल गया था. इस बीच अपराधियों ने एनएच-28 पर आधारपुर गांव के पास एक निजी फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले विशाल सोलंकी नाम के युवक को गोली मार दी. अपराधी आगे बढ़े और फिर बरौनी थाना के पिपरा मालती चौक पर आम लोगों पर ताबडतोड़ गोलियां चलायी. यहीं 30 साल के चंदन कुमार को गोली लगी, जिसकी मौत हो गई. वहा एक अऩ्य व्यक्ति को भी गोली मारी गयी, जिसका इलाज हो रहा है.
चौथी घटना को अंजाम देने के बाद बाइक पर सवार दोनों अपराधी मुजफ्फरपुर-बेगूसराय एनएच 28 को छोड़ बरौनी जीरोमाइल से पटना जाने वाली एनएच 31 पर बढ़ गये. अपराधियों ने बरौनी थर्मल चौक पर 45 साल के भरत यादव को दो गोलियां मारी. उसके आगे अपराधियों ने 35 साल के प्रशांत कुमार रजक और 25 साल के रंजीत यादव को भी गोली मारी. अपराधियों ने जीतो पासवान नाम के व्यक्ति को भी गोली मार कर घायल कर दिया.
थाने के सामने से गुजरे अपराधी लेकिन कहां थी पुलिस
बेगूसराय में जिन अपराधियों ने मंगलवार की शाम मौत का नंगा नाच किया वे बाइक पर सवार थे. बाइक से उन्होंने 30 किलोमीटर की दूरी तय की. इस दौरान कम से कम 6 स्थानों पर रूक कर फायरिंग की. ये पूरा वाकया बताता है कि अपराधी कम से कम एक घंटे तक तांडव करते रहे. घटना किसी दूर-दराज के इलाके में नहीं बल्कि नेशनल हाइवे पर हो रही थी. अपराधियों की गोलीबारी से उनके रूट का पता चला है. अपराधी जिस रास्ते से होकर गुजरे औऱ मौत का तांडव करते रहे वह चार थानों के इलाके में आता है. उस रास्ते में पुलिस के कम से कम तीन थाने व आधा दर्जन ओपी मेन रोड पर हैं. सवाल ये है कि इतनी घटनाओं के बाद उन थानों या ओपी की नींद क्यों नहीं टूटी. अपराधियों ने जिन जगहों पर गोलियां बरसायी उनमें बरौनी थर्मल चौक से लेकर उसके आस-पास का इलाका शामिल है. बरौनी थर्मल के आस पास का इलाका संवेदनशील इलाका माना जाता है. वहां पुलिस की गश्ती गाडी कहां थी.
बेगूसराय पुलिस के पास इन सवालों का जवाब नहीं है. मंगलवार की रात जब अपराधियों की गोली से मारे गये चंदन कुमार का शव सड़क पर रख कर लोगों ने एन एच जाम कर दिया तो बेगूसराय के एसपी वहां पहुंचे. उन्होंने अपराधियों की गोली से एक की मौत और 9 के घायल होने की पुष्टि की. एसपी ने कहा कि उन्होंने बेगूसराय जिले की तो पूरी तरह से नाकेबंदी करा दी है, आस-पास के जिलों को भी अलर्ट कर दिया है. पटना, समस्तीपुर, खगड़िया से लेकर वैशाली और मुजफ्फरपुर तक की पुलिस को अलर्ट किया गया. लेकिन अपराधियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया.
आज बेगूसराय बंद
इस बीच भाजपा ने बुधवार को बेगूसराय बंद का आह्वान किया है. स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दिल्ली में अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर बुधवार की सुबह बेगूसराय पहुंच रहे हैं. गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कहा है कि वे लोगों के सामने आकर बतायें कि यह कौन सा जनता राज है, जहां चार थाना इलाके से अपराधी बेखौफ लोगों पर गोलीबारी करते गुजर जाता है और पुलिस उसे रोक नहीं पाती है. वहीं राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने कहा है कि उन्होंने पुलिस प्रशासन को कुछ दिनों पहले ही चेताया था. अब डर है कि बेगूसराय कहीं 1960 के दौर में न चला जाये.
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