समस्तीपुर में शुरू की गयी रंगीन गोभी की खेती, जानें कहां मिलती है यह गोभी…

समस्तीपुर/दलसिंहसराय [प्रवीण प्रियदर्शी] :- दलसिंहसराय अनुमंडल का सम्पूर्ण क्षेत्र मसाला एवं सब्जियों की खेती के लिए प्रसिद्ध रहा है। अन्य क्षेत्रों में बदलाव का असर अब खेती, किसानी के क्षेत्र में यहां भी स्पष्टत: दिखने लगा है। जागरूक एवं प्रगतिशील किसानों ने पारंपरिक खेती की जगह अब नई-नई विधियों को अपनाकर इसे लाभकारी बना दिया है।

ऐसे ही एक किसान ने पीले एवं बैंगनी रंग के गोभी की खेती कर अन्य सब्जी उत्पादक किसानों का अपनी ओर ध्यान आकृष्ट किया है। कलरफुल गोभी का प्रायोगिक तौर पर खेती करनेवाले मालपुर के किसान विनोद कुमार ने कहा कि यह उनका पहला प्रयास है। उन्होंने बताया कि बाजार में लोगों के आकर्षण का केंद्र बने पीले व बैंगनी रंग के गोभी का उन्हें अच्छा मूल्य (40 रुपये प्रति किलो) मिल रहा है।

वहीं सफेद फूलगोभी की बाजार दर 2-5 रुपये प्रति किलो है। उन्होंने बताया कि एक बीज की कीमत 2 रुपये तथा खेती में प्रति पौधा लागत 5 रुपये आयी है। एक कट्ठा में लागत 5000 रुपये तथा आमदनी 20 हजार रुपये है। इस बार महज 2-2 कट्ठा में ही पीले व बैंगनी रंग के गोभी की खेती की है। अगली बार खेती का दायरा बढ़ाएंगे। पहले सफेद, उसके बाद हरे रंग की ब्रोकली बाजार में आयी थी।

वहीं अब बाजार तक पहुंची नई प्रजाति की पीले व बैंगनी रंग की गोभी अपने औषधीय गुणों के कारण मशहूर हो रही है। बताते हैं इसमे पाया जानेवाला पोषक तत्व अन्य सब्जियों से ज्यादा है। क्योंकि इसमें सर्दियों में सबसे अधिक खायी जानेवाली सब्जियों में अब तक सफेद रंग की फूल गोभी शामिल रही है। यही कारण है इसकी खेती बहुतायत से की जाती है। लेकिन यूरोपियन कंट्री एवं बड़े होटलों में सब्जी के रूप में उपयोग की जानेवाली पीले, बैंगनी, पर्पल व गुलाबी रंग की गोभी को जानकारों ने पोषक तत्वों से भरपूर एवं मानव शरीर के लिए अत्यंत गुणकारी बताया है।

पीले व बैंगनी रंग की गोभी फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर है। ये हमे रोगों से लड़ने की ताकत देते हैं। क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट मौजूद रहता है जो कोशिकाओं की हुई क्षति की भरपाई करता है। मानव शरीर के विकास में फायदेमंद यह गोभी बीमारी और बॉडी इंफेक्शन से भी लड़ने में सहायक है। स्किन इंफेक्शन एवं शरीर पर दाग, धब्बा आदि के लिए भी यह फायदेमंद है।

– डॉ. अनिल कुमार, कृषि वैज्ञानिक, डॉ.राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal