गुलाबी ठंड के साथ मौसम में आई तब्दीली, बाजार में सजने लगी गर्म कपड़ों की दुकानें

समस्तीपुर :- मौसमी करवट के साथ गुलाबी ठंड दस्तक दे चुकी है। अभी सुबह और शाम के बाद लोग स्वेटर, शॉल का सहारा लेने लगे है। बाइक चालकों ने हाफ स्वेटर व जैकेट का प्रयोग शुरू कर दिया है। बच्चे गर्म कपड़े पहनने लगे हैं। संध्या बाद महिलाओं को शॉल ओढ़ते देखा जाता है। सुबह धूप की गरमाहट अच्छी लगने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में पारा और नीचे गिरने वाला है जिससे ठंड बढ़ने वाली है।

ग्रामीण क्षेत्रों में दौड़ने लगे गर्म कपड़ों के फेरी वाले  :

गुलाबी ठंड के साथ गर्म कपड़ों का बाजार गर्म होने लगा है। शहर के रेडीमेड दुकानों पर स्वेटर, मफलर, जैकेट व अनेक किस्म के रजाई सज गए हैं। स्थानीय स्तर पर कारीगर रजाई बनाने में जुट गए है। इसके लिए रूई की खरीदारी भी जोरों से चल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कंबल की खरीदारी शुरू हो गई है। चौक-चौराहों पर गर्म कपड़ों की बिक्री शुरू हो गई है। फुटपाथी दुकानों पर गर्म कपड़ों की बिक्री देखी जा रही है। शॉल, स्वेटर सहित अन्य गर्म कपड़े की बिक्री करने वाले फेरी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में दौड़ने लगे हैं।

krishna hospital samastipur bihar

सजा गर्म कपड़ों का बाजार, रजाई की बढ़ी मांग :

गुलाबी ठंड को लेकर स्थानीय बाजार में रेडिमेड रजाई की मांग बढ़ने लगी है। रजाई डबल लेयर एक से तीन हजार रुपये, स्थानीय स्तर पर तैयार रजाई छह सौ से एक हजार, कंबल दो से पांच सौ रुपये, शॉल डेढ से तीन सौ रुपये, तोसक पांच से एक हजार रुपये, मफलर एक से तीन सौ रुपये प्रति पीस के दर पर बिक्री किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष इसके मूल्य में दस से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखा जा रहा है। बावजूद इसके लोग जरूरत के मुताबिक इसकी खरीदारी कर रहे हैं।

ठंड से बचाव का रखें ख्याल :

ठंड का मौसम आने के साथ ही दांत दर्द, सर्दी, खांसी, बुखार का असर बच्चों व बुजुर्गों पर देखा जा रहा है। ठंड बढऩे पर सर्दी, खांसी, बुखार, निमोनिया के अलावा ज्वाइंट पेन के प्रति लोगों को सचेत रहने की जरूरत है। शहर के आदर्श नगर स्थित कृष्णा हास्पीटल के डा. महेश ठाकुर कहते हैं कि ठंड के प्रारंभिक इस दौर में सुबह व संध्या बाद ठंड काफी बढ़ जाती है। ऐसे में गर्म कपड़ों की अनदेखी घातक हो सकता है। ठंड के दिनों में बच्चों व बुजुर्गों को निश्चित रूप से गर्म दूध का सेवन करना चाहिए।

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal