समस्तीपुर : दो महीने बाद भी पशुपालकों को नही मिला ऋण

समस्तीपुर :- कोरोना को लेकर केंद्र सरकार ने हर क्षेत्र के लोगो के लिए राहत पैकेज की घोषणा की। इसी क्रम में पशुपालक किसानों को भी बिना गारंटी एक लाख 60 हजार रुपये तक ऋण देने की बात कही। आवेदन जमा किए हुए दो माह से अधिक हो गए। लेकिन आज तक बैंक एक भी किसानों को ऋण उपलब्ध नहीं कराई है। जिससे किसान काफी चितित है।

बता दें कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार किसान कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। संचालित योजना के माध्यम से किसानों का मनोबल बढाया जा रहा है। लेकिन धरातल पर यह दिखाई नहीं देता है। इसका प्रमुख कारण बैंक कर्मियों की उदासीनता है।

बताया जाता है कि मिथला दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति के माध्यम से दो माह पूर्व प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के पशुपालक किसानों केसीसी ऋण के लिए आवेदन दिया। करीब चार हजार आवेदन जमा किया गया। प्राप्त आवेदनों को मिथिला दुग्ध संघ के पदाधिकारियों ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न बैंकों में उसे भेज दिया। लेकिन दो माह बीतने के बाद किसी भी बैंक ने किसानों को केसीसी के तहत ऋण मुहैया नहीं कराया है।

इससे स्पष्ट है कि सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को बैंकर्स पलीता लगा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा कन्फेड को दिए गए दिशा निर्देश में स्पष्ट निर्देश है कि दुग्ध उत्पादक किसानों को कन्फेड के द्वारा बैंकों को भेजे गए आवेदन को बिना गारंटी के 1 लाख 60 हजार रुपये तक स्वीकृत करेंगे।

दुग्ध उत्पादक समिति के अध्यक्ष और सचिव जब इस संबंध में सेंट्रल बैंक शाखा इलमासनगर, दिनमान से दूरभाष पर सम्पर्क किया तो शाखा प्रबन्ध ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है, लेकिन अभी तक ऋण स्वीकृत नही हुए है। जब यह पूछा गया कि ऋण क्यों नही स्वीकृत किए जा रहे हैं तो बताया ऋण स्वीकृति नहीं कर पाने की जानकारी विभाग को भेजी गई है।

दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक इलमसनगर के शाखा प्रबन्धक ने बताया कि आवेदन प्राप्त हुआ है। ऋण की स्वीकृति नहीं किए जाने पर कहा कि क्षेत्रीय प्रबंधक ही इसके बारे में बता सकते हैं।

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal