बदमाशों ने आपदा में तलाशा था अवसर, उच्च न्यायालय ने समस्तीपुर के एसपी को 15 दिनों में बुजुर्ग वकील को चेंबर दखल दिलाने का निर्देश दिया

समस्तीपुर :- कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान समस्तीपुर के एक वृद्ध वकील को कुछ शरारती तत्वों ने उसके चेंबर से जबरन बेदखल कर दिया गया था. इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने समस्तीपुर के एसपी विकाश बर्मन को आदेश दिया है कि वो 15 दिनों के अंदर वकील को उसका चेंबर दिलवाएं. न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की एकलपीठ ने आनंद किशोर प्रसाद सिन्हा की क्रिमिनल रिट याचिका (Criminal writ Petition) को निष्पादित करते हुए ये निर्देश दिया है.

हाई कोर्ट ने अपने 30 पन्ने के फैसले में अन्य हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के न्यायादेश का जिक्र करते यह भी कह कि ‘जिस मामले में शरारती तत्व गैर कानूनी तरीके से किसी नागरिक को उनके संपत्ति से बेदखल करते हैं और जिसमें पुलिस की मिलीभगत साफ दिखती है. ऐसे मामले में हाई कोर्ट बेदखल हुए नागरिक को उसके जमीन/ मकान का कब्जा वापस दिलाने का निर्देश पुलिस को दे सकती है.’

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याचिकाकर्ता के वकील अंकित ने बहस के दौरान कोर्ट में बताया कि ‘इस मामले में लोकल पुलिस की मिलीभगत है.’ इसके बाद सुनवाई में समस्तीपुर के एसपी तलब हुए थे. इस दौरान हाई कोर्ट ने एसपी को निर्देश दिया था कि वे खुद से इस बात की जांच करें कि कैसे कोर्ट कम्पाउंड के समीप और पुलिस थाने से महज 200 मीटर दूर एक वकील को उसके चैंबर से मारपीट कर बेदखल कर दिया गया. जिसके बाद उन्होंने अपनी जांच में ये बात मानी थी कि वकील को जबरन बेदखल किया गया था और इसमें कई पुलिसकर्मियों की मिलीभगत थी. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया था कि आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा रही है.

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal