समस्तीपुर: जानिए कैसे अपनी दुनिया आबाद करने में मशगूल Loving Couple बढ़ा रहे पुलिस की सिरदर्दी

समस्तीपुर:- प्रेम की गहराइयों में डूबे प्रेमी युगल अपनी मर्जी की दुनिया बसाने के लिए किसी भी हद तक जाने से गुरेज नहीं कर रहे। वे बंदिशों की कोई भी दीवार लांघने को हमेशा तत्पर रहते हैं। करते भी हैं। लेकिन, उनका यह साहस पुलिस की मुश्किलें बढ़ाने वाला साबित होता जा रहा। दरअसल, समस्तीपुर और आसपास के जिलों में प्रेमी के युगल की भागने की शिकायत अक्सर ही पुलिस के पास पहुंचती रहती है। लड़की के परिजन इसे अपहरण करार देते थाने में मामला दर्ज कराते। ऐसे में पुलिस का समय और श्रम अधिक बर्बाद होता है।

प्रेमी युगल के घर से भागने के मामलों में उलझी पुलिस लॉ एंड ऑर्डर के साथ ही हार्डकोर क्राइम के बड़े केस की जांच पर ही फोकस नहीं कर पा रही। बालिग-नाबालिग खुद ही जीवन का फैसला कर घर छोड़कर फरार हो रहे। अपहरण के सर्वाधिक केस इन्हीं मामलों में दर्ज हो रहे। पिछले 11 माह में आकड़ों पर गौर करें तो अपहरण के 50 से अधिक मामले दर्ज हुए। लेकिन, फिरौती के लिए महज गिने-चुने मामले सामने आए। इनमें अधिकतर प्रेमप्रसंग से जुड़े रहे।

कहानी कुछ होता बताते कुछ और

दरअसल, ज्यादातर मामले में यह कहानी कुछ और होती है, लेकिन स्वजन बताते कुछ और हैं। वे प्रेमी के साथ जाने की बात जानते हुए भी नाबालिग बताकर अपहरण की बात करते हैं। और, प्रेमी को अपहर्ता बताकर अपहरण का मामला दर्ज कराते हैं। ऐसे में एफआइआर में धारा बदल जाती है। पिछले दिनों उजियापुर पुलिस ने रामचंद्रपुर अंधौल से एक वर्ष पूर्व अपहृत एक युवती को बरामद किया। उसके स्वजन ने थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। जबकि, युवती ने अपहरण की बात को झूठा बताते हुए कहा कि वह उक्त युवक से प्रेम करती है। अपनी मर्जी से शादी की है। गत एक माह में नगर थाने में अपहरण के चार मामले सामने आए। इसमें अधिकांश प्रेम प्रसंग के मामले थे। प्रेमी युगल एक-दूसरे से शादी करना चाहते हैं।

इसमें ज्यादा है पेच

एफआइआर दर्ज होती है तो फिर लड़की को तलाशने की जिम्मेदारी पुलिस पर आ जाती है। लड़की को बरामद करने के लीए थाने में एक आइओ तैयार होता है। मामला लड़की से जुड़ा होने के चलते उसके साथ लेडी कांस्टेबल की भी ड्यूटी लगानी पड़ती है। आइओ उसे तलाश करने के लिए लड़की के स्वजनों से पूछताछ करती है। सर्विलांस के हेल्प से मोबाइल नंबरों को खंगालती है। फिर, प्रेमी जोड़े के स्वजन को पकड़कर पूछताछ करती है। इस दौरान परिजन भी पुलिस पर जल्द ढूंढऩे का दबाव बनाते हैं।

कानूनी प्रक्रिया में लगता वक्त

पुलिस आरोपित को जेल भेजने के बाद लड़की का मेडिकल कराती है। कोर्ट में बयान और अवलोकन कराती है। फिर कोर्ट के आदेश पर लड़की को भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में कम से कम सात दिन और अधिक से अधिक दस दिन का वक्त लगता है। इस दौरान अगर आइओ को दूसरे शहर में जाना हो तो बाकी काम ठप हो जाता है।

इस बारे में समस्तीपुर के सदर डीएसपी प्रितिश कुमार ने कहा कि प्रेमी जोड़े का घर से फरार होना और इस मामले में अपहरण के दर्ज मामले कहीं न कहीं चुनौती जरूर बन रहे। लड़कियों के अपहरण के मामले में 80 प्रतिशत में लड़की की मर्जी होती है। इसके पीछे कई कारण हैं।

24 घंटे में चार मामले

  • 29 नवंबर 2019 : वैनी ओपी क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान वरमाला के बाद दुल्हन प्रेमी के साथ फरार हो गई। पीडि़त परिवार के लोगों ने स्थानीय पुलिस से की शिकायत।
  • 29 नवंबर 2019 : महिला थाने में एक महिला अधिवक्ता ने शादी का झांसा देकर यौनशोषण की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की तफ्शीश कर रही है।
  • 29 नवंबर 2019 : नगर थाना पुलिस के सहयोग से जम्मू कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर से गायब एक प्रेमी युगल को स्टेशन रोड से पकड़ा। इसके बाद अभिरक्षा में श्रीनगर ले गई।
  • 29 नवंबर 2019 : उजियारपुर थाने के रामचंद्रपुर अंधौल से एक वर्ष पूर्व अपहृत एक युवती पुलिस को मिली। अपहरण की बात को झूठा बताते हुए कहा कि वह आरोपित युवक से प्रेम करती है। उसने अपनी मर्जी से शादी की है।
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Avinash Roy

Chief in Editor at Samastipur Town Web Portal

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