बक्सर जेल में तैयार हो रहे फांसी के 10 फंदे, अफजल गुरु के लिए यहीं से भेजा गया था फंदा

बक्सर सेंट्रल जेल में फांसी के फंदे बनाने का काम फिर शुरू हो गया है। चार-पांच दिनों से 10 फंदे बनाये जा रहे हैं। इसका निर्माण कारा प्रशासन के वरीय अधिकारियों की ओर से मिले संकेतों के आधार पर कराए जाने की बात बताई जा रही है। हालांकि, फंदे की मांग अभी किसी जेल प्रशासन की ओर से नहीं आई है। इससे कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए हैं।

7200 धागों से तैयार होता है फंदा

गौरतलब है कि बक्सर जेल से ही देश की किसी भी जेल में फांसी देने के लिए फंदा भेजा जाता है। यहां अंग्रेजों के शासनकाल के समय से ही फंदा तैयार किया जाता है। यह फंदा यहां के कैदी और कुशल तकनीकी जानकार तैयार करते हैं। इसको बनाने में सूत का धागा, फेविकोल, पीतल का बुश, पैराशूट रोप आदि का इस्तेमाल होता है। जेल के अंदर एक पावरलुम मशीन लगी है, जो धागों की गिनती कर अलग-अलग करती है। एक फंदे में 72 सौ धागों का इस्तेमाल होता है। सूत्रों का कहना है कि एक फंदे पर 150 किलोग्राम तक के वजन को झुलाया जा सकता है। इस रस्सी को मुलायम व लचीला रखा जाता है।

अफजल गुरु के लिए 17 सौ रुपए में गया था फंदा

सूत्रों का कहना है कि तिहाड़ जेल में अफजल गुरु को फांसी देने के लिए बक्सर जेल से ही फांसी का फंदा भेजा गया था। तिहाड़ से ऑर्डर आने के बाद उस समय फंदा 17 सौ रुपए में भेजा गया था। अभी बन रहे फंदों की कीमत नहीं आंकी जा सकी है। हालांकि कच्चे सामान के दाम में वृद्धि होने से फंदे की कीमत में इजाफा होने की संभावना है।

जेल अधीक्षक बोले

बक्सर जेल में फांसी के फंदे का निर्माण पहले से ही होता रहा है। यह यहां के लिए सामान्य बात है। देश की किसी जेल में फांसी देने के लिए यहीं से फंदा भेजा जाता है। फंदा खत्म होने से निर्माण हो रहा है। अगर कहीं से भी आधिकारिक तौर पर डिमांड आएगा तो उसकी आपूर्ति की जाएगी। इसबार 10 फंदों का निर्माण कराया जा रहा है। अभी तक आधिकारिक तौर पर कहीं से डिमांड नहीं आया है।

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Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal

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