महंगे प्‍याज ने लोगों के निकाले आंसू, एक लाख टन प्याज आयात करने की तैयारी

प्याज की कीमत पर नियंत्रण के लिए सरकार एक लाख टन प्याज आयात करने की तैयारी में है। पिछले कुछ समय से प्याज की कीमत में बेतहाशा इजाफा हुआ है। इस समय यह दिल्ली समेत कुछ स्थानों पर 100 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बिक रहा है। शनिवार को सचिवों की एक समिति द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक सरकारी ट्रेडिंग फर्म एमएमटीसी विदेशों से प्याज खरीदेगी, जबकि नैफेड इसे घरेलू बाजार के माध्यम से रसोई घरों तक पहुंचाएगी।

पहला टेंडर 14 नवंबर को जारी होगा

खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने इस आशय की जानकारी दी। इससे पहले पिछले सप्ताह सरकार ने यूएई और कुछ अन्य देशों से प्याज आयात करने की बात कही थी। एमएमटीसी के मुताबिक खरीद के लिए जारी पहला टेंडर 14 नवंबर और दूसरा 18 नवंबर को बंद होगा। इसमें से पहली खेप बहुत जल्द ही भारतीय पोर्ट पर पहुंच जाएगी, जबकि दूसरी खेप दिसंबर अंत तक पहुंचेगी।

एमएमटीसी कर सकती है प्याज आयात

प्याज आयात के इस फैसले में कहा गया है कि एमएमटीसी किसी भी देश से प्याज आयात कर सकती है। हालांकि पिछली बार जारी किए गए टेंडर पर उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। सप्लाई कम होने के चलते पिछले एक महीने से अधिक समय से प्याज की कीमत में लगातार वृद्धि हुई है। देश में महाराष्ट्र और कर्नाटक प्याज के बड़े उत्पादक हैं। लेकिन इस बार अधिक बारिश के कारण यहां 30-40 परसेंट फसल बर्बाद हो गई थी।

कर्नाटक के प्‍याज का इंतजार

कर्नाटक की प्याज आने के बाद बाजार के हालात में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्याज कारोबारियों का कहना है कि दो से तीन दिन में कर्नाटक की नई प्याज की उपलब्धता के बाद हालत में सुधार होने की संभावना है। बेमौसम बरसात के कारण पहली फसल की 75 प्रतिशत प्याज खराब हो चुकी है। अभी पुरानी प्याज के सहारे ही बाजार चलाया जा रहा है। दिसंबर तक गुजरात से प्याज आने लगेगी साथ ही महाराष्ट्र व कर्नाटक की दूसरी फसल भी तब तक तैयार हो जाएगी।

Avinash Roy

Chief in Editor at Samastipur Town Web Portal

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