मौसम ने आम-लीची के बाग मालिकों की कमर तोड़ी

समस्तीपुर:- मौसम की मार ने आम-लीची के बाग मालिकों की कमर तोड़ दी है। लगातार बढ़ता तापमान व वर्षा के अभाव बागों पर साफ झलक रहा है। सबसे अधिक असर लीची की फसलों पर हो रहा है। इसके कारण लीची के फल में गुदा का विकास अवरुद्घ हो गया है। जबकि लीची पकना शुरू हो गया है। नतीजतन बाग मालिकों को लीची की समुचित कीमत नहीं मिल पा रही है। समस्तीपुर स्थित डॉ़ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विवि पूसा के उद्यान वैज्ञानिक डॉ़ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व से सिंचाई व दवा देने वालेे लीची उत्पादकों का नुकसान कम होगा। लेकिन इससे वंचित लोगों को अधिक नुकसान की संभावना है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष लीची के अब बचाव के उपाय कम है। इसका सीधा असर बाजार भाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 30-32 हजार हेक्टेयर में लीची की खेती होती है। उन्होंने करीब 25-30 प्रतिशत तक का नुकसान की संभावना जताई है। वैज्ञानिक के अनुसार अब वर्षा हों जाने पर लीची के फटने की संभावना काफी है। डॉ़ अनिल ने बताया कि मौसम का असर आम पर भी पड़ेगा। इसके कारण आम के फलों का विकास नहीं हो पा रहा है। उन्होंने वातावरण को देखते हुए सिंचाई करते रहने की आवश्यकता पर बल दिया।

पारा पहुंचा 42 पर :

सोमवार को तापमान एक बार चरम पर रहा। गर्मी से बेहाल आम लोग पेड़-पौधों की छांव तलाशते दिखे। आज दिन का तापमान 41़5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि न्यूनतम 25़3 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी से आम जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इसका असर आम लोगों के साथ फसलों खासकर बागवानी फसलों व पशु-पक्षियों पर भी पड़ने की संभावना है।

Input: Hindustan

Avinash Roy

Chief in Editor at Samastipur Town Web Portal

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