मिथिला विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर पर फेंकी स्याही, रणक्षेत्र बना विवि मुख्यालय

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय मुख्यालय सोमवार को रणक्षेत्र बन गया। आक्रोशित छात्रों से प्रॉक्टर डॉ. अजीत चौधरी की बातचीत के दौरान किसी ने उनपर स्याही फेंक दी। इसके बाद विवि में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्याही किसने फेंकी, यह बताने को कोई तैयार नहीं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे भी नहीं जानते की स्याही किसने फेंक दी। स्याही फेंकते ही प्रॉक्टर फेंकने वाले के पीछे दौड़े। साथ में प्रदर्शनकारी छात्रों का हुजूम भी दौड़ा। तब तक स्याही फेंकने वाले तेजी से परिसर के बाहर निकल गया।

माहौल बिगड़ता देख प्रदर्शनकारी छात्र भी परिसर से बाहर भागने लगे। इस बीच प्रॉक्टर पर स्याही फेंका देख विवि के सुरक्षा गार्ड व कर्मी आक्रोशित हो उठे और लाठी-डंडा लेकर परिसर में घूम-घूम कर छात्र नेताओं को तलाशने लगे। कुछ देर बाद घटना की सूचना मिलते ही छात्र संघ महासचिव उत्सव पराशर व छात्र संघ समर्थित छात्र संगठन अभाविप के कई सदस्य विवि मुख्यालय पहुंचे और स्याही फेंकने वालों को देख लेने की बात करने लगे। काफी देर तक विवि मुख्यालय का माहौल गरम रहा।

बैठक में मनमाफिक निर्णय नहीं होने पर आक्रोशित हुए छात्र :

दिन के साढ़े बारह बजे शिकायत निवारण कोषांग की बैठक विवि मुख्यालय के सभागार में शुरू हुई। बाहर में ABVP छोड़ शेष सभी संगठनों के सदस्य बैठक में लिए गए निर्णय को जानने के लिए इंतजार में खड़े थे। बैठक समाप्त होने पर जैसे ही सदस्य बाहर निकलने लगे, कुछ छात्र सभागार में घुस गए और डीएसडब्ल्यू से निर्णय के बारे में पूछने लगे। डीएसडब्ल्यू ने बताया कि छात्र संघ अध्यक्ष ने 23 तक का समय जवाब देने के लिए मांगा है। उसके बाद दोनों पक्षों की सुनवाई की जाएगी। छात्र इस इंतजार में थे कि कोषांग में छात्र संघ अध्यक्ष के पद से बर्खास्त करने व नामांकन रद करने का निर्णय लिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होता देख वे आक्रोशित हो गए। उसके बाद आक्रोशित छात्रों ने कुलसचिव का घेराव कर लिया।

जिम्मेवारी नहीं ले रहा कोई छात्र संगठन :

घटना की जिम्मेवारी लेने को कोई छात्र संगठन तैयार नहीं है। छात्र जदयू के राहुल राज ने बताया कि कुलपति कार्यालय से प्रॉक्टर को बाहर निकलता देख वे लोग उनसे बात करने के लिए आगे बढ़े। बात हो ही रही थी कि इस बीच पीछे से किसी ने स्याही फेंक दी। स्याही कपड़ों व चेहरे पर पड़ी। वे लोग भी स्याही फेंकने वाले को पकड़ने के लिए उसके पीछे दौड़े। साथ में प्रॉक्टर भी दौड़े, लेकिन स्याही फेंकने वाला परिसर से रफ्फू-चक्कर हो गया। वह कौन है, किस संगठन का सदस्य है, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं।

छात्र संघ अध्यक्ष को 23 तक का मिला समय, 24 को होगी सुनवाई : डीएसडब्ल्यू

डीएसडब्ल्यू प्रो. रतन कुमार चौधरी ने बताया कि छात्र संघ अध्यक्ष मधुमाला ने आवेदन दिया है जिसमें उसने पूछे गए सवालों का जवाब देने के लिए 23 मई तक का समय मांगा है। ऐसे में कोषांग की धारा 22जे(4) के अनुसार छात्र संघ अध्यक्ष को 23 मई तक का समय देने का निर्णय लिया गया। 24 मई को दोनों पक्षों की सुनवाई की जाएगी। इसके लिए दोनों पक्षों को नोटिस किया जाएगा। कोषांग के परिनियम के अनुसार यह अनिवार्य प्रक्रिया है। इसके बाद अंतिम निर्णय होगा। डीएसडब्ल्यू प्रो. चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार राय, प्रॉक्टर डॉ. अजीत चौधरी, सीसीडीसी डॉ. मुनेश्वर यादव, सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार झा, सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मुश्ताक अहमद व विधि पदाधिकारी चंद्रजीत सिंह मौजूद थे।

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