परमात्मा जिससे अत्यधिक प्रेम करते है, उसकी परीक्षा जीवन में कठिन परिस्थितियों से होती है — आचार्य योगेश

समस्तीपुर/दलसिंहसराय [रूपक कौशल] :- बसढ़िया पंचायत के काली चौक के समीप चल रहे आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ कथा के दूसरे दिन कथावाचक आचार्य योगेश प्रभाकर जी महाराज ने यज्ञ एवं संत कृपा पर चर्चा किया। उन्होंने कहा कि पांच रूपों से मिलाकर यज्ञ का एक सम्पूर्ण स्वरुप बनता है। जिसमे तीन क्रियाएँ पाठात्मक, जपात्मक एवं हवनात्मक क्रिया यज्ञ मंडप में संपन्न होती है।

व्यासपीठ से ज्ञानात्मक प्रसाद वितरण के माध्यम से अन्नात्मक का कार्य संपन्न होता है। जो मानव अपने जीवन में एक बार भी इन पंच क्रियाओं को यज्ञ के माध्यम से पूर्ण करता है, उसका भौतिक एवं आध्यात्मिक जीवन सफल हो जाता है एवं वह तत्व ज्ञान को प्राप्त करता है।

संत कृपा की विशेषता का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि ईश्वर कृपा से ऊँची है संत कृपा। संत कृपा हो जाये तो भगवत कृपा निश्चित ही हो जाती है। दासी पुत्र रामदास संत की कृपा से ब्रह्मा के पुत्र नारद बन गए। ऋषि श्रृंगी के शाप रूप कृपा के कारण भगवत की प्राप्ति सुखदेव जी के माध्यम से संपन्न हुआ। संत स्नेह करे तो कृपा एवं कदाचित कोप भी करे तो अतिकृपा की प्राप्ति जीव को हो जाती है।

जो मानव महत्पुरूषो के दृष्टि में आ जाता है, उसके जीवन की सृष्टि बदल जाती है। परमात्मा जिससे अत्यधिक प्रेम करते है, उसकी परीक्षा जीवन में कठिन परिस्थितियों से होती हैं। जो जीव विषम परिस्थितों में भी उद्वेलित नहीं होता, वह भौतिक एवं आध्यात्मिक सफलता को प्राप्त कर लौकिक एवं परलौकिक गति को सुधार लेता है।

माता कुंती ने भगवान श्री कृष्ण से कहा – जिस सुख के आने से आपका विस्मरण हो जाये एवं जिस दुःख के आने से आपका स्मरण हो जाये, वह दुःख ही मेरे जीवन का सबसे बड़ा सुख है। स्वामी विवेकानंद ने कहा की अंधकार इस बात का प्रतीक है की अब प्रकाश होने वाला है। कथा के मध्य में आचार्य श्री ने पितामह भीष्म ने परमात्मा की जो प्रार्थना की, वही प्रार्थना समस्त जीव को करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अगले कथा प्रसंग में जड़ भरत चरित्र, प्रह्लाद चरित्र, वामन अवतार आदि की कथा सुनाई जाएगी। इस कथा को फेसबुक पर समस्तीपुर टाउन पेज के लाइव श्रवण किया जा सकता है।_ कार्यक्रम में मंच संचालन हरिवंश मिश्रा, कार्यक्रम संचालक अभिषेक जायसवाल, धर्मराज पांडेय, प्रभु झा, शंकर साह, ललित राय, आलम खान, नवीन राय, सुशील राय, सपन कुमार, सज्जन कुमार, राकेश कुमार आदि सक्रिय रूप से शामिल थे।

समस्तीपुर टाउन संवाददाता रमेश शंकर झा की रिपोर्ट

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal

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