शराब मामले के निर्दोष अभियुक्त के विरूद्ध जनता जगी, पुलिस अधीक्षक से जाँच कराने की मांग

समस्तीपुर/दलसिंहसराय [रमण कुमार] :- उजियारपुर थाना के चाँदचौर रहीम टोल गांव के एक घर से शराब बरामद होने के मामले में उक्त पंचायत के मुखिया, सरपंच, जिला पार्षद एवं वार्ड सदस्य आदि जनप्रतिनिधियों सहित करीब एक सौ ग्रामीणों के हस्ताक्षर से पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर को इस आशय का एक पब्लिक पेटिंसन देकर प्रार्थना किया गया हैं वह अपने स्तर से उक्त काण्ड की (उजियारपुर थाना कांड 18/19) जाँच करें।जाँच में इस बात का ख्याल रखा जाय कि निर्दोष प्रभावित न हो और दोषी सजा से बच न पाए।

आवेदन में बताया गया हैं कि जिस मकान से शराब बरामद किया गया हैं वह मकान काफी दिनों से जर्जर एवं परित्यक्त हैं। जिस कारण मकान में बिना ताले का खाली पड़ा रहता हैं। मकान के स्वामी सपरिवार विगत 35-40 वर्षो से दूसरी जगह रह कर रोजी रोटी में लगे रहते हैं।

बताया गया हैं कि पिछले दिनों शराबबंदी के मद्देनजर छापामारी के दौरान इस परित्यक्त घर से शराब बरामद किया गया था। पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान कुछ न पता चलने की स्थिति में काफी दिनों से बाहर रह रहे गृहस्वामी हरिलाल साह एवं उनके पुत्र मुकेश कुमार को अभियुक्त बनाया गया हैं। पुलिस के इस अविवेकीक़दम से निर्दोष को सजा मिलने की संभावना पुरजोर हो गई हैं एवं दोषी का पता करने की मसक्कत उठाने से पुलिस बच रही हैं इस बात की चर्चा जोरों पर हैं। जबकि प्राथमिकी में ये परित्यक्त मकान में ताला खुले होने की बात भी अंकित हैं।

इसी आशय का जन आवेदन पुलिस अधीक्षक, समस्तीपुर को देकर अपने स्तर से मामले की जाँच करने की गुहार लगायी गयी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस निरीक्षक (उजियारपुर थाना कांड संख्या 18/19) में सुपरविजन के क्रम में घटनास्थल पर पहुँचे बगैर पर्यवेक्षण रिपोर्ट समर्पित कर दिया गया। पुलिस द्वारा सुपरविजन की हुई खानापूरी से असंतुष्ट ग्रामीणों ने बताया कि निर्दोष को सजा दिया जाना एवं दोषी की खोज न होना पुलिस की अकर्मण्यता हैं। इसके विरुद्ध हम ग्रामीण आवाज बुलंद करते रहेंगे।

समस्तीपुर टाउन संवाददाता रमण कुमार की रिपोर्ट

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