समस्तीपुर में तीसरी आंख से भी नहीं हो पा रही ठीक से निगहबानी

जिले में घटनाएं तो हर रोज होती हैं। कभी लूट तो कभी हत्या। बाइक की चोरी तो आम बात हो गई है। अपराधी भी आराम से वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकलने में कामयाब हो जाते हैं। घटना के बाद पुलिस के साथ अपराधियों का आमना-सामना नहीं होना पुलिस विभाग की सच को उजागर कर देती है। अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद सुरक्षित जगह पर शरण लेने में कामयाब हो जाते हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस पुलिस मौका ए वारदात जरूर पहुंचती है। लेकिन समय घंटा भी बीत जाता है। पुलिस की गश्ती व सीसीटीवी के आधार पर कार्रवाई भी पुलिस के लिए चुनौती बन जाती है। आपराधिक घटनाओं पर नजर रखने के लिए नगर थाना क्षेत्र में पीपी मोड के तहत शहर में हाई रेजुलेशन का कैमरा हर चौक चौराहा पर लगाया गया है। लेकिन नगर थाना में लगे मोनिटर पर नजर रखने वाले हर घटनाओं से अनभिज्ञ नजर आ रहे हैं। जब किसी प्रकार की घटना की सूचना थाने में मिलती है तो मॉनीटरिंग में लगे कर्मी एक्टीवेट होकर सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर देते हैं।

पुलिस गश्त में 110 लीटर पेट्रोल आती बाधा

शहर की बात करें तो पुलिस गश्त के दौरान महीने में 110 लीटर पेट्रोल सरकार के द्वारा दिया जाता है। वहीं क्यूआरटी की बाइक में महीने का 30 लीटर पेट्रोल मिलता है। उदाहरण के रूप में बात करें तो हाल के महीने के अंदर नगर व मुफस्सिल थाना की पुलिस को तीन -तीन वाहन गश्ती के लिए दिए गए है। नगर में जीप, थार व जिप्सी वहीं मुफस्सिल में सुमो के अलावा थार व जिप्सी मिल गया है। हर गाड़ी के पीछे 110 लीटर पेट्रोल महीने का मिलता है। लेकिन विभागीय 110 लीटर पेट्रोल मिलने के बाद भी नगर व मुफस्सिल थाना की पेट्रोलिंग हर स्तर पर नहीं हो पाती है।

पुलिस गश्त का सच

हाल के दिनों में पुलिस की गश्ती जरूर देखी जाती है। लेकिन संबंधित थाना क्षेत्र के हर क्षेत्र में गश्त नहीं पूरी हो पा रही है। पुलिस की जीप एक स्थान पर खड़ी कर बाइक सवारों को चेकिंग के नाम पर भयादोहन जरूर करती दिखाई देती है। वहीं चार चक्के गाड़ी को आराम से निकलने के लिए जगह मिल जाती है। गश्ती की प्रक्रिया में चालक समेत संबंधित पदाधिकारी शामिल रहते हैं। हर थाने की ड्यूटी रजिस्टर देखें तो शिफ्ट वाइज नाइट, डे, इवनिंग के अलावा ओडी पदाधिकारी आपसी तालमेल के हिसाब से अपना काम करते हैं।

थाने की हाजत में डालने के एवज में रसीद काटने की बात कह भोले भाले लोग के प्रति अपनी आस्था जताते हुए कुछ रकम पर उन्हें छोड़ उनकी पीठ थपथपाते हुए मुक्त कर देते हैं। यही हिसाब रात्रि गश्त के दौरान भी हो रही है। शहर के मारवाड़ी बाजार व गोला रोड में पुलिस की जीप सिर्फ गुजरते देखी जा सकती है। रोड पर अतिक्रमण भी है लेकिन पुलिस नजर अंदाज करती है। इस बीच कई बैंक की शाखा होने के बाबजूद नो इंट्री से पुलिस अपनी कमाई की फिराक में बैठी नजर आती है। भले किसी प्रकार की घटना हो जाए तो पीड़ित को नगर थाने में आवेदन देने के लिए कहा जाता है।

सीसीटीवी की जद में आने के बावजूद नहीं मिल पाता लोकेशन

अगर नगर थाना क्षेत्र की बात करें तो पूरे शहर में पीपी मोड के तहत हाई रेज्यूलेशन सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। हर तरह की घटना को लेकर पूरी मॉनीटरिंग नगर थाना से होनी है। लेकिन उक्त मॉनीटर पर नजर रखने वाले काई भी पदाधिकारी व पुलिसकर्मी सही अंदाज में नजर नहीं आते हैं। कई सीसीटीवी खराब भी है। उसको लेकर संबंधित एजेंसी से ठीक भी करवाया जा रहा है। लेकिन एक ओर ठीक होते ही दूसरे तरफ की सीसीटीवी खराब हो जा रही है।

नगर थानाध्यक्ष सीताराम प्रसाद ने बताया कि उक्त मॉनिटर पर चार लोगों की ड्यूटी लगी है। लेकिन हम अभी तक पूरी जानकारी नहीं ले पाए हैं। अगर शहर की घटनाओं पर वे सभी पुलिसकर्मी नजर रख रहे हैं तो ऑन ड्यूटी तैनात पुलिसकर्मी व पदाधिकारी के साथ हमें भी पूरी जानकारी दें। अगर सिर्फ फुटेज देखकर कोई भी बात नहीं सामने नहीं आ रही तो मॉनिटर पर बैठे लोगों को हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इनसेट :

पिछले एक साल के अंदर हुई घटनाओं पर नजर

शहर की बात करें तो पिछले एक साल के अंदर कई बड़ी लूट की घटनाओं को अपराधियों द्वारा अंजाम दिया गया। हालांकि इस कड़ी में पूरे मामले का अब तक पर्दाफाश नहीं हो पाया है। घटना की बात कहे तो शहर के गोला रोड स्थित यूको बैंक की शाखा से 10 की संख्या में आए सशस्त्र अपराधियों ने 48 लाख 94 हजार, 325 रूपये लूट लिए। वहीं 16 जनवरी को बैंक ऑफ इंडिया हरपुर एलौथ शाखा के मुख्य द्वार को तोड़कर चेस्ट तोड़ने का प्रयास अज्ञात चोरों द्वारा किया गया। हालांकि पुलिस ने घटना का उद्भेदन करते हुए कांड में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। 09 अप्रैल 18 को शहर में तीन लूट और छिनतई की घटना हुई।

शहर के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित एक रसोई गैस एजेंसी कर्मी से बाइक सवार अपराधियों ने 07 लाख 50 हजार रूपये लूट लिए। पुलिस मामले की जांच में जुटी ही थी कि इसी बीच धरमपुर चौक पर बाइक सवार अपराधियों ने एक दवा व्यवसायी से 60 हजार लूट लिया। तीसरी घटना डीआरएम चौक के समीप सीबीआइ बैंक से 60 हजार निकालकर जा रहे रिटायर्ड कर्मी राजेश कुमार के साथ हुई। प्रोफेसर कालोनी लूट मामले में पुलिस को सफलता मिली। अपराधी व लूटी गई राशि भी बरामद करने में कामयाब रही। जबकि अन्य मामलों में पुलिस को कोई सफलता हासिल नहीं मिली है।

वहीं हाल के दिनों में साइबर अपराध की घटनाओं में भी तेजी आई है। लोग इस अपराध में फंसते नजर आ रहे हैं। एसपी हरप्रीत कौर ने साइबर अपराध से जुड़े मामले को लेकर एक जागरूकता अभियान चलाया है। लेकिन भोले भाले लोग अब भी फंसते नजर आ रहे हैं। घटना के उदभेदन को लेकर पुलिस प्रयत्नशील है। कई मामले का उदभेदन भी हुआ है। बेहतर पुलिसिंग की कोशिश जारी है। यदि ऐसी कुछ शिकायत सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में गश्ती की जगह अन्य काम में लगे पुलिसकर्मियों पर खुद मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक

हरप्रीत कौर

Input: Danik Jagran 

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