मिथिला पेंटिंग से साकार होगा समरस समाज — नीतीश कुमार

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आज देश के साथ-साथ विदेश में मधुबनी पेंटिंग की चर्चा है। एक संस्कृति को दूसरे संस्कृति से जोड़ने का यह एक सशक्त माध्यम है। मिथिला की थाती मधुबनी पेंटिंग के विकास के लिए यहां संस्थान की शुरुआत की गई है। मधुबनी पेंटिंग के दलित, कायस्थ और ब्राह्मण, तीनों विधाओं को एक कर इसमें शोध को महत्व देते हुए इसका विकास किया जाएगा, ताकि एक समरस समाज की स्थापना की जा सके।

वे गुरुवार को मधुबनी के सौराठ संस्कृत हाई स्कूल मैदान में मिथिला चित्रकला संस्थान और मिथिला ललित संग्रहालय के कार्यारंभ के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने कहा कि जापान में मधुबनी पेंटिंग की बहुत बड़ी संस्था है। वहां इस पर उम्दा काम हो रहा है। हमलोग भी इसी तरह काम कर सकते हैं। मिथिला पेंटिंग के अलग-अलग स्वरूपों को एक साथ लाकर इसके दूसरे आयामों को विकसित किया जा सकता है। इसलिए दो तरह के कोर्स छह माह के सर्टिफिकेट कोर्स और तीन साल के डिग्री कोर्स की शुरुआत की गई है। पेंटिंग सीखनेवालों सभी कलाकारों के लिए वजीफा का भी प्रावधान है।

पेंटिंग के बड़े कलाकार चलाएंगे संस्थान

सीएम ने स्पष्ट कहा कि मिथिला चित्रकला संस्थान में अध्यापकों का चयन वे ही करेंगे जो इस विधा के राष्ट्रीय स्तर के कलाकार होंगे। इस संस्थान को चलाने की पूरी जिम्मेदारी कलाकारों की होगी। किराए के भवन में संस्थान की शुरुआत भी हो गई है। कहा कि 2012 में जब वे महासुंदरी देवी के घर, रांटी और जितवारपुर गांव गए थे, तब उन्होंने इस संस्थान की जरूरत महसूस की। उन्होंने संस्थान के लिए स्व. ताराकांत झा की प्रतिबद्धता को भी याद किया। सीएम ने कहा कि मिथिला के विकास के बिना बिहार का विकास संभव नहीं है। उस विकास की कड़ी में यह संस्थान भी शामिल है।

फाइल

ललटेन और भूत दोनों भागे

बिहार में बिजली आने के बाद ललटेन और भूत दोनों भाग गए। जब बिजली नहीं थी तो शाम में घरवाले बच्चों को घरों में बंद कर देते थे। ललटेन में वे पढ़ाई करते थे और कहते थे कि बाहर भूत है। आज जिस तरह की बिजली आपूर्ति हो रही है इससे ललटेन और भूत दोनों भाग गए हैं। बच्चे पढ़कर आगे बढ़ रहे हैं और नए बिहार का निर्माण हो रहा है। सभा को सूबे के पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव, पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत, पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा, भवन निर्माण मंत्री महेश्वर हजारी, कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि व जदयू नेता संजय झा ने भी संबोधित किया।

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