बड़ी खबर: बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा, अब तक 278 करोड़ रुपए का भुगतान

स्वयं सहायता भत्ते में घोटाला उजागर होने के दो माह के अंदर ही स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में भी बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। फर्जी सर्टिफिकेट पर क्रेडिट कार्ड लेने के अलावा कुछ संदिग्ध संस्थानों के नाम पर भी राशि के भुगतान का प्रयास पकड़ में आया है। राज्य के चार जिलों में मामला पकड़ में आने के बाद अब जांच की आंच मुजफ्फरपुर भी पहुंच गई है। बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम ने डीएम को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस क्रम में बीआरसीसी के कर्मचारियों पर संदेह जताते हुए निगम ने उनकी निगहबानी के निर्देश दिए हैं। वित्त निगम के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह प्रबंधक निदेशक ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।

उन्होंने कहा है कि कुछ जिलों में फर्जी सर्टिफिकेट पर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जारी कराने का मामला पकड़ में आया है। इसके आलावा कुछ जिलों में संदिग्ध संस्थानों में नामांकन का हवाला दे स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जारी कराने के प्रयास का भी मामला प्रकाश में आया है। इस कड़ी में उन्होंने छपरा, रोहतास व कुछ अन्य जिलों के नाम भी बताए हैं। उन्होंने कहा है कि पूर्व में संगम विश्वविद्यालय राजस्थान, विवेकानंद ग्लोबल विवि जयपुर, शीतयोग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी औरंगाबाद, प्रभु कैलाश पोलिटेक्निक औरंगाबाद, मेवाड़ विवि चित्तौड़, राजस्थान व संस्कृति विवि मथुरा से बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं, जो संदेहास्पद हैं।

बिहार राज्य वित्त निगम के प्रबंध निदेशक जयंत सिंह के अनुसार, समाचार पत्रों के माध्यम से मिल रही फर्जीवाड़े की सूचनाओं के बाद एहतियात के तौर पर सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए हैं।

जिले में आवेदनों की संस्थानवार स्क्रूटिनी शुरू :

मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने इस फर्जीवाड़ा में जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) व उसकी निगरानी करने वाले जिला स्तरीय अधिकारियों के क्रियाकलापों की निगरानी की भी आवश्यकता जतायी है। उन्होंने कहा है कि छपरा व रोहतास सहित कुछ जिलों में हुई फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है। इससे यह स्पष्ट है कि इसमें कुछ अवांछित तत्व संलिप्त हैं। वित्त निगम के आदेश के बाद जिले में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए आए आवेदनों की संस्थानवार स्क्रूटिनी शुरू हो गई है।

डीएम करेंगे जांच :

  • पहले यूजर आईडी हैक कर स्वयं सहायता भत्ता में हुआ था घोटाला
  • अब क्रेडिट कार्ड के लिए फर्जी सर्टिफिकेट का लिया सहारा
  • 278 करोड़ रुपए का भुगतान अब तक किया गया

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