अब पेट्रोल-डीजल की महंगाई के विरोध में भारत बंद का ऐलान

दिल्ली:- पेट्रोल-डीजल की महंगाई को लेकर मोदी सरकार की घेराबंदी कर रही कांग्रेस ने अब विपक्षी दलों के साथ मिलकर 10 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। एनडीए पर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने का आरोप लगाते हुए पार्टी ने कहा है कि चार साल में सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स से साढे ग्यारह लाख करोड़ की वसूली की है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस सिलेंडर के दामों में भारी वृद्धि के अलावा व्यापक महंगाई का मुद्दा भी कांग्रेस इस भारत बंद में उठाएगी। भारत बंद के दौरान पार्टी पूरे देश में भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।

सरकार पर पेट्रोल-डीजल का दाम घटाने का दबाव बढ़ाने के लिए कांग्रेस ने दूसरे विपक्षी दलों से भी बंद को कामयाब बनाने में सहयोग मांगा है। राहुल गांधी की कैलास मानसरोवर यात्रा के बीच कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ इस बड़े आंदोलन की घोषणा के लिए सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक बुलाई थी। कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत और कोषाध्यक्ष अहमद पटेल की अगुआई में गुरूवार को हुई इस बैठक में भारत बंद की रूपरेखा बनाई गई। इस दौरान सभी पटेल ने सभी विपक्षी दलों के नेताओं से संवाद कर इसमें शामिल होने का उनसे अनुरोध किया। प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक से पहले कांग्रेस के सभी शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक भी हुई। दोनों बैठकों के बाद अशोक गहलोत, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, मोतीलाल वोरा और रणदीप सुरजेवाला ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर 10 सितंबर को भारत बंद के पार्टी के फैसले की घोषणा की।
अहमद पटेल ने कहा कि ममता बनर्जी कांग्रेस के आंदोलन का पूरा समर्थन करेंगी मगर वह बंद में शामिल नहीं होंगी। बसपा नेतृत्व से इस पर चर्चा नहीं हुई है। जबकि सपा, एनसीपी, द्रमुक, राजद से लेकर वामपंथी पार्टियां और कई छोटे दलों ने बंद का समर्थन की हामी भर दी है।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि जनता को असुविधा न हो इसलिए भारत बंद सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक चलेगा। सोई हुई सरकार को विरोध के हुंकार से जगाने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि चार साल में मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में 211 फीसद की वृद्धि कर 11 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त जनता की जेब से निकाल लिए हैं। 16 मई 2014 से अब तक पेट्रोल में करीब 28 रुपये और डीजल में 27 रुपये प्रति लीटर से अधिक की बढ़ोतरी की गई है। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 400 रुपये से भी कम थी जो अब बढ़कर करीब 800 रुपये हो गई है। सुरजेवाला ने कहा कि देश की जनता को महंगा पेट्रोल-डीजल बेचा जा रहा जबकि जिन 29 देशों को भारत इसकी आपूर्ति करता है उन्हें सरकार डीजल 34 रुपये और पेट्रोल 37 रुपये प्रति लीटर दे रही है। राहुल गांधी की लगातार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग को भी बंद में उठाया जाएगा। उनके अनुसार चार साल में रेल किराया 6 से बढ़कर 9 रुपये प्रति किलोमीटर, प्लेटफार्म टिकट तीन से 20 रुपये, दाल 70 से 170 रुपये और दूध 40 से बढ़कर 52 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। सुरजेवाला ने कहा कि इससे साफ है कि जनता महंगाई की मार से कराह रही है।

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal

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