पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी द्वारा समस्तीपुर के कुंदन कुमार राॅय को मिला “बिहार गौरव सम्मान”

समस्तीपुर:- “बिहार गौरव सम्मान” पुरस्कार से समस्तीपुर के लाल कुंदन कुमार राॅय को 18 वाँ बिहार सम्मान समारोह 2018 (राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार समारोह)
में सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार बिहार सिविल सोसायटीज- समर्पण (बाल विकास, मानसिक स्वास्थ्य, शोध एवं दिव्यांग पुनवास संस्थान), बिहार विकलांग खेल अकादमी, पैरालिम्पिक कमिटि आॅफ बिहार, बिहार स्पेशल ओलिंपिक, बिहार नेत्रहीन खेल संघ , बिहार डेफ स्पोटर्स एसोसिएशन, बिहार विकलांग छात्र संगठन, इण्डियन स्पोटर्स फेडरेशन आॅफ आॅटिज्म, एक्शन फाॅर आॅल, तलाश एवं इण्डियन स्पोटर्स फेडरेशन फाॅर सेरेब्रल पाल्सी, के संयुक्त तत्वावधान में अलग अलग वर्गों में दिया गया है।

पिछले बिहार दिवस पर भी कुंदन समस्तीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी प्रणव कुमार द्वारा सम्मानित हुए। कुंदन कुमार रॉय को हाल ही मे पूर्व प्रधानमंत्री स्व. कलाम जी की पून्यतिथि पर Visionary of India Award, मोतिहारी एवं पर्यावरण योद्धा सम्मान से लखनऊ में सम्मानित किया गया है। इसके अलावा
“भारत श्री 2018-दिल्ली” , Youth Icon Award 2018-हरियाणा, ओरेटर औफ़ द मंथ-नागपुर, young India change maker People’s choice award-पटना, समस्तीपुर जिला युथ फेस्टिवल मे मुर्ति कला मे प्रथम, समस्तीपुर रत्न, बेस्ट मेल ओरेटर, नागपुर जैसे कई अवार्ड अलग अलग क्षेत्रों से अपनी झोली मे भरा है। वहीं Bihar leadership Award के लिए भी Nominated है।
कला-संस्कृति, सकारात्मक नजरिया, स्वाभिमान और स्वरोजगार को स्लम से लेकर हर स्कूल, कॉलेज तक पहुँचाने मे लगे कुंदन यु तो समाजिक कार्यो मे वो बचपन से ही बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते रहे पर अब
Brand Ambassador बन कर उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई है। कुंदन कई सरकारी-गैर सरकारी संगठनों से जुड़ कर सबके विकास मे लगे हुए है।

पेड़ पौधों को लगाने से धरती के रक्षण, इको फ्रेंडली मूर्तियों बनाने की कार्यशालाएं लेकर खतरनाक रंगो के इस्तेमाल से जल प्रदूषण की जानकारी भी जनसामान्य तक पहुँचाया तो समाज मे महिलाओं के उत्थान को भी संघर्षरत है। उनकी ये ही जिद है के कला और समाज सेवा के उपेक्षित क्षेत्र से मैं खुद इतना उपर निकल जाऊँ के लोग स्वयं उन्हें देख कर इस क्षेत्र मे प्रमुखता से बढे और अन्य कैरियर की तरह इसे भी देखा जाये। वो चाहते है के लोग अपनी कमियों से डरे नही बल्कि उनसे लड़ कर और उसे ही हथियार बनाकर आगे बढ़े।

इस कार्य के लिये अक्सर उन्हें घर या बाहर विरोध का भी बहुत सामना करना पड़ता है। पर अपने जीवन मे आई परिस्थितियां और कमी से मिले दर्द के एहसास, दूसरों के दर्द को समझने की ताकत, आत्मविश्वास देते है। उन्होंने कहा की मेरी माँ रमा राॅय, पिता ईश्वर चंद्र राॅय, भाई चंदन, बहन अंकिता, पत्नी सुजाता उन्हें निरंतर आगे बढ़ने को प्रेरित करते है। कलर ब्लाइंडनेस के चलते वो कई रंग सही से पहचान नही पाते। रंगों के संयोजन में मुश्किल आती है।पहले छोटी बहन बताया करती थी। उसके शादी के बाद पत्नी या परिवार के अन्य लोगों की मदद लेना पड़ता है। फिर भी लोग उन्हे पेन्टिंग और मुर्ति कला से ही जानते है।
उन्हें बहुत अच्छा लगता है बच्चे, महिलाएं और युवाओं को मोटीवेट करना और उनके सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना। कुंदन चाहते हैं के समस्तीपुर में कला के विकास और उनके व्यवसायिकरण के लिए एक संस्थान की शुरुआत करें। जिससे समस्तीपुर को कला-संस्कृति के उत्कृष्टता के लिए जाना जाए और उनका जीवन और संघर्ष सार्थक हो जाए।

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