भारत बंद के दौरान न्यायालय पर था निशाना, जमकर रोड़ेबाजी में कई अधिवक्ता घायल

समस्तीपुर/दलसिंहसराय:- भारत बंद के दौरान सोमवार को अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय परिसर में जय भीम सेना के हुजूम के नौजवानों द्वारा जमकर हंगामा करते हुए रोड़ेबाजी किया। इस दौरान भीम सेना के लोगों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। बताया जाता हैं एससी एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरुद्ध सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था। बताया गया हैं कि भीम सेना के उपद्रवियों ने न्यायालय परिसर में प्रवेश कर अनुमण्डल कार्यालय के बन्द कर लिए गए ग्रील को पीटा। ग्रील न खुलने की स्थिति में यह हुजूम न्यायालय की ओर उग्र रूप से मुखातिब होकर वहाँ भी ग्रील पर डंडा एवं लाठियों से प्रहार किया। इस दौरान लोगों ने सरकार एवं न्यायालय विरोधी नारे लगाए। भीड़ को न्यायालय की ओर आते देखकर न्यायालय के चतुर्थ कर्मियों ने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए फौरन न्यायालय का ग्रील गेट को भीतर से बन्द कर लिया।

बताते चले कि मौके पर मौजूद लोंगो ने कयास लगाया कि समय रहते यदि ग्रील गेट को न बन्द किया जाता तो सुनवाई कर न्यायिक पदाधिकारी समेत अन्य कार्यालय कर्मी पूरी तरह असुरक्षित हो जाते। गौरतलब है कि अनुमण्डल प्रशासन की ओर से वीडियो ग्राफी की कोई व्यवस्था नहीं की गयीं थी। न्यायालय में प्रवेश न पाने की खीज में उपद्रवियों ने अपना निशाना अधिवक्ता संघ भवन को बनाया। मौके पर उपस्थित अनेक अधिवक्ता इससे प्रभावित हुए। यहाँ अधिवक्ताओं के प्रतिकार वश उनलोगों को परिसर से बाहर जाना पड़ा। बाहर जाकर उपद्रवियों ने न्यायालय परिसर की ओर गाली गलौज के साथ जमकर रोड़ेबाजी की। इस दौरान प्रतिकार कर रहे कतिपय अधिवक्ता घायल हो गए। घायल अधिवक्ताओं में मानस मोहन झा, संजीव कुमार वर्मा, शिव कुमार, अनुज कुमार बिट्टू, संजय झा, रमण कुमार समेत अधिवक्ता लिपिक असगर अली के साथ न्यायार्थी भी शामिल हैं।

बेतरतीब हल्ला की खबर पाकर एएसपी संतोष कुमार तत्काल सदलबल मौके पर पहुँचकर स्थिति पर काबू पाने का प्रयास किया। जय भीम सेना के द्वारा घटित घटना के संबंध में अनुमंडलीय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नवल किशोर सिंह एक प्रतिनिधिमंडल के साथ डीएसपी कार्यालय पहुँचकर एक आवेदन थानाध्यक्ष के नाम दिया हैं। आवेदन में रोड़ेबाजी के दौरान अधिवक्ता संघ भवन पर हुए हमला से लगभग पचास हजार रुपये का नुकसान बताया गया हैं। संघ स्तर तत्काल घायल एवं चोटिल अधिवक्ताओं को अनुमंडलीय अस्पताल में भेजकर चिकित्सा कराया गया। दिए गए आवेदन में किसी का नाम तो नहीं दिया गया हैं परन्तु सीसीटीवी कैमरे एवं मोबाइल फोन से लिये तस्वीरों में उपद्रवियों का चेहरा साफ साफ दिखाई देता हैं। घटना के बाद अधिवक्ता संघ की एक आपात बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि उपद्रवियों की गिरफ्तारी अविलम्ब न किये जाने की स्थिति में आगामी 3 अप्रैल से अधिवक्ता काम बंद कर हड़ताल पर रहेंगे।

नीचे देखें वीडियो… ???

समस्तीपुर टाउन संवाददाता रमण कुमार की रिपोर्ट 

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