मुख्य पार्षद की कुरसी छिनी

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नगर परिषद के मुख्य पार्षद के विरुद्ध विपक्षी सदस्यों के द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव 16 के मुकाबले एक मतों से पारित हो गया. मुख्य पार्षद अर्चना देवी की कुर्सी छीन की गयी. अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में जहां 16 सदस्यों ने मत दिया
वहीं विपक्ष में मात्र एक मत पड़े. जबकि 12 वार्ड पार्षद बैठक से अनुपस्थित रहे. उपमुख्य पार्षद विश्वनाथ साह अगले मुख्य सभापति चुने जाने तक कार्यकारी मुख्य सभापति के रुप में काम करेंगे.अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के साथ ही पिछले दो महीने से नगर परिषद में मुख्य पार्षद को लेकर चल रही राजनीतिक रस्साकसी समाप्त हो गयी है.

नगर भवन में शनिवार की दोपहर निर्धारित 12.30 बजे बैठक शुरू हुई. उपमुख्य पार्षद विश्वनाथ साह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में 29 में से 17 सदस्यों ने हिस्सा लिया. इओ देवेंद्र सुमन की मौजूदगी में आयोजित इस बैठक को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे.
पहले से अनुमान था कि हंगामा हो सकता है. इसको देखते हुए प्रशासन की ओर से काफी संख्या में पुलिस पदाधिकारियों को सीओ समीर कुमार शरण के नेतृत्व में तैनात किया गया था. अविश्वास प्रस्ताव में विपक्षी गुट एकता के साथ एक साथ पहुंची. जबकि मुख्य पार्षद अर्चना देवी समेत उनके समर्थक पार्षद बैठक से दूर रहे. उपमुख्य पार्षद ने अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करायी. बहस के क्रम में मुख्य पार्षद के द्वारा किये गये कार्यों में अनियमितता का मामला उठाया गया. साथ ही इओ से इस मामले में अब तक की गयी कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गयी. बाद में मतदान कराया गया. उपस्थित सभी 17 सदस्यों ने इसमें हिस्सा लिया. जिसमें अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 16 सदस्यों ने वोट डाले जबकि इसके विरोध में एक सदस्य ने अपना मतदान किया. इस तरह मुख्य पार्षद अर्चना देवी की कुर्सी छीन गयी. वे अपने पद से पदच्यूत हो गयी. इओ ने नियमों का हवाला देते हुए उपमुख्य पार्षद विश्वनाथ साह को कार्यकारी मुख्य पार्षद के रुप में तब तक कार्य करते रहने का अनुरोध किया जब तक मुख्य पार्षद का चुनाव नहीं कर लिया जाता. इओ ने अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित बैठक में पारित प्रस्ताव से संबंधित रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दिया है. वहां से तिथि निर्धारित होने के बाद मुख्य पार्षद का चुनाव कराया जायेगा.
अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर बोले पार्षद: अविश्वास प्रस्ताव को लेकर काफी मुखर पार्षदों में टेकनारायण महतो, राजीव रंजन सिंह, शैलेस कुमार, सीमा कुमारी, आनंद भूषण, सीता देवी, कामिनी सिन्हा, ललिता गुप्ता, रीना कुमारी, उषा देवी, विंदु देवी, उमेश कुमार, विश्वनाथ साह, रूबी चंचला, पूनम कुमारी, अनीता राम ने कहा कि एकजुटता के कारण ही हम सबों की जीत हुई है.
नप अध्यक्ष के द्वारा अकेला चलो राजनीति पर विराम लग चुका है.
उपमुख्य पार्षद विश्वनाथ साह कार्यकारी मुख्य पार्षद के रूप में संभालेंगे काम

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