CM के साथ बैठक में पीएम मोदी बोले- मनाएं ‘टीका उत्सव’, कोरोना कर्फ्यू लगाने की कहीं बात

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की. उन्होंने राज्यों को ‘कोरोना कर्फ्यू’ जैसे उपाय करने और माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर फोकस करने के लिए कहा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना कर्फ्यू जैसे शब्द के इस्तेमाल से लोगों को जागरुक करने में मदद मिलती है. राज्य इसे अपने हिसाब से रात 9 बजे या 10 बजे से लेकर सुबह तक चला सकते हैं ताकि और चीजों पर ज्यादा असर ना हो. हालांकि इस दौरान उन्होंने लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की.

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में टीका उत्सव मनाने की अपील की. उन्होंने कहा, ”11 अप्रैल, ज्योतिबा फुले जी की जन्मजयंति है और 14 अप्रैल, बाबा साहेब की जन्म जयंति है, उस बीच हम सभी ‘टीका उत्सव’ मनाएं.”

पीएम मोदी ने कहा, ”हमारा प्रयास यही होना चाहिए कि इस टीका उत्सव में हम ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेट करें. मैं देश के युवाओं से भी आग्रह करूंगा कि आप अपने आसपास जो भी व्यक्ति 45 साल के ऊपर के हैं, उन्हें वैक्सीन लगवाने में हर संभव मदद करें.”

कई राज्यों ने वैक्सीन की कमी का दावा किया है. इस संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा कि आपको पता है कितनी वैक्सीन बन पाती है. किसी एक राज्य में सारा वैक्सीन रख कर कोरोना को खत्म नहीं किया जा सकता है. हमें सभी राज्यों में कोरोना वैक्सीन को बांटना है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोग पहले से अधिक बेपरवाह हो गए हैं, कुछ राज्यों में प्रशासन शिथिलता बरत रहा है. उन्होंने कहा कि हमारे पास संसाधन हैं, अब अनुभव भी है, जांच (टेस्ट), पता लगाना (ट्रैक), उपचार (ट्रीट), कोविड उपयुक्त व्यवहार से संक्रमण की चरम सीमा को नीचे लाने में मदद मिलेगी. संक्रमित व्यक्ति को रोकना ही वायरस की रोकथाम का रास्ता है, हमें जांच को बढ़ाना होगा.

पीएम मोदी ने कहा कि कंटेनमेंट जोन में सभी का कोरोना टेस्ट किया जाना चाहिए. इसका फायदा मिलेगा. अगर कोई वयक्ति कोरोना से संक्रमित होता है तो उसके संपर्क में आने वाले कम से कम 30 लोगों का टेस्ट किया जाना चाहिए. माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर फोकस की जरूरत है.

पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 1,26,789 नए मामले सामने आए हैं. देश में अब तक 1,29,28,574 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं और 1,66,862 मरीजों की मौत हुई है.

 

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal