जानिए NEET टॉपर आकांक्षा सिंह की कहानी, जो पहले करना चाहती थीं सिविस सर्विसेज की तैयारी

NTA ने NEET 2020 का रिजल्ट जारी कर दिया है और इस साल एक नहीं बल्कि दो छात्र हैं जिन्होंने परीक्षा में 100 अंक हासिल किए हैं। शोएब आफताब ने AIR 1 हासिल किया है, वहीं कुशीनगर की आकांक्षा सिंह ने भी 720 में से 720 अंक हासिल किए हैं। लड़कियों के बीच वह पहली टॉपर बन गई हैं। टाई ब्रेकर नीति के कारण उन्हें AIR 2 प्राप्त हुई है। इस उपलब्धि पर कुशीनगर से गोरखपुर तक जश्न मनाया जा रहा है।

आकांक्षा सिंह की यह सफलता पूर्वांचल की कई लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनके डॉक्टर बनने के उत्साह ने उन्हें कुशीनगर से गोरखपुर के अपने गाँव तक 70 किलोमीटर का सफर तय करने का जज्बा दिया। वह एक भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत सार्जेंट की बेटी हैं।

बीते शुक्रवार को उनकी कामयाबी का जश्न गोरखपुर के कोचिंग संस्थान में भी मना। आकांक्षा ने नीट-2020 की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक में दूसरा स्थान हासिल किया है। वह यूपी टॉपर भी है। कुशीनगर की वह पहली लड़की हैं जिसने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में इतना अच्छा रिजल्ट हासिल किया है।

पहले आकांक्षा आठवीं कक्षा तक सिविल सर्विस में जाने की सोच रही थी। लेकिन नौवीं में आते ही उनका मन बदल गया और उन्होंने डॉक्टर बनने के सपने के साथ ही नीट परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने इस परिणाम को सभी बाधाओं से लड़ते हुए प्राप्त किया है। इस सपने को पूरा करने के लिए आकांक्षा ने दिन-रात एक कर दिया था। वह पढ़ने के लिए कुशीनगर से निकलकर गोरखपुर और बाद में दिल्ली तक गईं और कड़ी मेहनत से तैयारी की।

पिता एक भूतपूर्व सैनिक और मां टीचर

आकांक्षा के पिता भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड सार्जेंट हैं। उनकी मां रुचि सिंह गांव में ही प्राथमिक स्कूल की टीचर हैं। बेटी की इस कामयाबी से वे दोनों बेहद खुश हैं। शुक्रवार को रिजल्ट आने के बाद उन्होंने अपने पूरे गांव में मिठाई बांटकर इस खुशी का इजहार किया।

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal