केंद्र की बड़ी घोषणा! 21 सितंबर से चलेंगी 40 क्‍लोन ट्रेन, वेटिंग टिकट पर मिलेगी कंफर्म बर्थ

केंद्र सरकार ने रेल यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ी घोषणा की है. रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) ने घोषणा की है कि ट्रेनों के सबसे ज्‍यादा व्‍यस्‍त रूट्स पर 21 सितंबर 2020 से 20 जोड़ी यानी कुल 40 क्‍लोन ट्रेनें (Clone Trains) चलाने का फैसला लिया गया है.

ये क्‍लोन ट्रेनें पूरी तरह से आरक्षित (Fully Reserved) होंगी और पहले से तय समय पर चलेंगी. इनकी रफ्तार मुख्‍य ट्रेन से ज्‍यादा होगी. साथ ही इनके स्‍टॉपेज भी मुख्‍य ट्रेन के मुकाबले कम (Limited Stoppages) होंगे. इससे दोनों ट्रेनें आखिरी स्‍टेशन पर करीब-करीब एक ही समय पर पहुंचेंगी.

क्‍लोन ट्रेन का किराया हमसफर और जनशताब्‍दी के बराबर

रेल मंत्रालय ने बताया कि 19 जोड़ी क्‍लोन स्‍पेशल ट्रेनों को हमसफर रैक्‍स (Humsafar Rakes) का इस्‍तेमाल कर चलाया जाएगा. वहीं, 1 जोड़ी लखनऊ दिल्‍ली क्‍लोन स्‍पेशल ट्रेन को जनशताब्‍दी एक्‍सप्रेस (Jan Shatabdi Express) की तरह चलाया जाएगा. हमसफर रैक का किराया (Fare) हमसफर ट्रेन के बराबर होगा. वहीं, जनशताब्‍दी रैक का किराया जनशताब्‍दी एक्‍सप्रेस के बराबर होगा. मंत्रालय के मुताबिक, क्‍लोन स्‍पेशल ट्रेन का एडवांस्‍ड रिजर्वेशन पीरियड (ARP) 10 दिन का होगा. इन क्‍लोन ट्रेनों के लिए रिजर्वेशन 19 सितंबर से शुरू हो जाएगा.

भारतीय रेलवे की ओर से जारी क्‍लोन ट्रनों की लिस्‍ट.

यूपी, बिहार के इन शहरों से चलाई जाएंगी क्‍लोन स्‍पेशल ट्रेन

मंत्रालय ने स्‍पष्‍ट किया है कि क्‍लोन स्‍पेशल ट्रेनें पहले से ही चल रहीं स्‍पेशल ट्रेनों के अतिरिक्‍त (Additional Trains) होंगी. रेल मंत्रालय की ओर से जारी समय सारिणी के मुताबिक, सहरसा समेत बिहार के 5 स्टेशनों से क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी. ये ट्रेनें सहरसा के साथ ही पूर्व मध्य रेल के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, राजगीर और राजेंद्रनगर स्टेशन से चलेंगी.

वेटिंग लिस्‍ट लंबी रहने वाले व्‍यस्‍त रूट्स पर चलाई जा रही क्‍लोन ट्रेन

भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने देश के जिन रूट्स पर वेटिंग लिस्‍ट लगातार लंबी होती रही है, उन पर कंफर्म टिकट देने के लिए ये प्‍लान बनाया है. इस प्‍लान के तहत व्‍यस्‍त रूट्स (Busy Routs) पर हर पैसेंजर को कंफर्म टिकट मिलना तय हो गया है. इसी के लिए भारतीय रेलवे क्‍लोन ट्रेनें (Clone Train) चला रही है. आसान शब्‍दों में समझें तो मुख्‍य ट्रेन के जाने के एक घंटे बाद उसी रूट की दूसरी ट्रेन उसी प्‍लेटफॉर्म से जाएगी, जो वेटिंग लिस्‍ट वाले पैसेंजर्स को लेकर जाएगी. इससे वेटिंग टिकट वाले यात्री करीब-करीब उसी समय पर बिना किसी परेशानी के अपने डेस्टिनेशन तक पहुंच जाएंगे.

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal