अब हंतावायरस से हड़कंप, जानें कितना खतरनाक और कैसे बचें?

1993 में हंतावायरस संक्रमण का मामला अमेरिका में सामने आया था। यह बीमारी चूहे से फैली थी। चूहे ने खाने की चीज या कुछ और चीजें कुतर कर गिरा दी थी। उसके संपर्क में आने पर मरीजों में हंतावायरस का संक्रमण हो गया।

वैसे हंतावायरस संक्रमण के मामले बहुत कम आते हैं और इतने खतरनाक नहीं होते हैं। इसमें भी फ्लू जैसे लक्षण और सांस लेने में दिक्कत का मामला सामने आया था। आइए जानते हैं कि यह वायरस क्या होता है, कैसे फैलता है और इससे कैसे बचा जा सकता है…

हंतावायरस बीमारी क्या है? 

हंतावायरस बीमारी हंतावायरस से फैलती है जो रोडेंट्स यानी गिलहरी, चूहे आदि में पाए जाते हैं। यानी हंतावायरस बीमारी चूहे से इंसान में फैलती है। यह व्यक्ति में सांस संबंधित समस्या पैदा करता है।

कौन इससे संक्रमित हो सकता है? 

यह बीमारी चूहे या गिलहरी से डायरेक्ट नहीं फैलती है बल्कि उसके संपर्क में कोई चीज आई और इंसान ने अनजाने में उसे छू लिया या उसके संपर्क में आ गया तो वह संक्रमित हो जाता है।

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कई बार चूहे चीजों को कुतर-कुतर कर गिरा देते हैं और कोई उसके संपर्क में आ जाए, या चूहे के मल-मूत्र के संपर्क में आ जाए या फिर संक्रमित चूहा या गिलहरी किसी सामान पर बैठा और इंसान ने उसे छू दिया या किसी तरह उसके संपर्क में आ गया तो बीमारी इंसान में भी फैल जाती है। अगर कोई चूहा या गिलहरी संक्रमित होकर मर जाते हैं और उसे नंगे हाथ से उठाकर फेंका तो भी बीमारी फैल सकती है।

कैसे बचा जा सकता है? 

सावधानी हर हर स्थिति में बेहतर उपाय साबित होता है। आप अगर चूहे या गिलहरी को छूते हैं या फिर जमीन पर गिरी कोई भी चीज छूते या उसके संपर्क में आते हैं तो आपको अपने हाथों को अच्छी तरह से धोना चाहिए। अगर ऐसा नहीं करते हैं और हाथ से मुंह या नाक को छू लिया तो बीमारी आपमें भी फैल सकती है। समय-समय पर घर की सफाई करते रहें और यह सुनिश्चित करें कि चूहे को घर में ठिकाना नहीं बनाने दें।

हंतावायरस बीमारी के क्या लक्षण हैं? 

वायरस के शरीर में प्रवेश करने के 9 से 33 दिनों के अंदर लक्षण नजर आने लगते हैं। शुरुआती लक्षण बुखार, थकान और मांसपेशियों में दर्द है। इसके अलावा सिरदर्द, चक्कर, उल्टी और डायरिया की भी शिकायत हो सकती है।

जब समस्या गंभीर होती है तो हंतावायरस संक्रमण का मुख्य लक्षण सांस लेने में दिक्कत होना है। वायरस संक्रमण की वजह से फेफड़े में फ्लुड बन जाता है जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है। अकसर लोगों की मौत दम घुटने की वजह से हो जाती है।

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बीमारी पकड़ में कैसे आती है? 

शुरू में हंतावायरस संक्रमण का पता लगना मुश्किल होता है। अगर चूहे या गिलहरी के संपर्क में किसी भी तरह से आए हैं और उसके बाद बुखार, थकान और सांस लेने में दिक्कत हो तो डॉक्टर से मिलना चाहिए और जांच करानी चाहिए।

Avinash Roy

Chief in Editor at Samastipur Town Web Portal

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