बिहार: इस जेल में खुलेआम लगते हैं गांजे के कश, मोबाइल पर होती है बात और रची जाती है मर्डर की साजिश! जानें मामला

पटना की बेउर जेल का एक वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। इस वीडियो को देखने के बाद साफ लगता है कि बेउर जेल में गांजा, चिलम और मोबाइल बहुत आसानी से उपलब्ध है। यहां कैदियों के बीच किसी प्रकार की कोई सख्ती नहीं है। तभी तो जेल में कैद होने के बाद बड़ी आसानी से कैदी चिलम पार्टी करते हैं। इसका खुलासा इस वीडियो के सामने आने के बाद हुआ है। 4 मिनट 53 सेकेंड के इस वीडियो को मोबाइल फोन से बनाया गया है। इसमें जेल के अंदर का कमरा, उसकी सिलिंग आराम से दिख रही है। एक साथ काफी सारे कैदी बैठे दिखे। हालांकि, जेल प्रशासन ने कहा है कि यह वीडियो बेउर जेल का ही है लेकिन काफी पुराना है।

गांजा पीते दिखे कैदी

वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुराने हिंदी गाने की धुन पर चिलम को निकाला गया है। संभवत: गांजा जलाया गया और एक-एक कर कई कैदी गांजा पीने के दौरान धुआं उड़ाते हुए दिखे। आश्चर्य वाली बात यह भी है कि गाना एक म्यूजिक सिस्टम के जरिए बज रहा था। वीडियो में कुछ कैदी अपशब्द बोलते हुए भी सुने गए। इसमें एक कैदी तो फेसबुक पोस्ट के लिए दूसरे कैदी से बढ़िया स्टेटस बताने की बात कर रहा था।

जेल प्रशासन पर उठे सवाल

चिलम पार्टी का वीडियो सामने आने के बाद से हर तरफ हड़कंप मच गया है। सवाल बेउर जेल प्रशासन पर उठने लगा है। बेउर जेल के इंट्रेंस प्वाइंट से लेकर अंदर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। परिवार के तरफ से कैदियों के लिए भेजे जाने वाले हर सामान की जांच की जाती है। सवाल है कि पुख्ता सुरक्षा का दावा किए जाने के बाद भी कैदियों के पास गांजा, चिलम और मोबाइल फोन कहां से पहुंचा? इनकी मदद किसने की? कहीं जेल की सुरक्षा में लगे जवान इस तरह का सामान पहुंचाने में उनकी मदद तो नहीं करते?

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जेल प्रशासन का दावा, पुराना है वीडियो

इस मामले पर बेउर जेल के सुप्रिटेंडेंट से बात की गई। सुप्रिटेंडेंट ने माना कि यह वीडियो उन्हीं के जेल का है, लेकिन यह काफी दिन पुराना है। जो अब सामने आया है। सुप्रिटेंडेंट के अनुसार चिलम पार्टी का वीडियो जेल के वार्ड नंबर 3/24 का है। इसमें दिख रहे कई कैदियों की पहचान हुई है। दावा है कि जेल प्रशासन अपने स्तर पर पूरे मामले की छानबीन कर चुका है। वीडियो तब का है जब अपराधी कल्लू मियां और उसके साथी बेउर में कैद थे। जिस कैदी की आवाज वीडियो में आ रही है, उसे पहले ही जहानाबाद जेल में शिफ्ट किया जा चुका है। जबकि बाकि के कई कैदी जमानत पर जेल से छुट चुके हैं।

हत्या की रची गई साजिश!

पुलिस के सूत्र बताते हैं कि अभी हाल ही में कोलकाता में भाजपा नेता व कार्यकर्ता की हुई हत्या की साजिश जेल में बंद कैदी द्वारा रची गई थी. जानकारी के मुताबिक, मनीष शुक्ला हत्याकांड की स्क्रिप्ट पश्चिम बंगाल (West Benagal) में लिखी गई थी, लेकिन इसे अमलीजामा पहनाने का काम बेउर जेल में किया गया.

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal