बांका के चांदन नदी के बीच मिला पुराने भवन का अवशेष, लोगों में चर्चाओँ का दौर शुरू

बांका जिले के अमरपुर प्रखंड अंतर्गत भदरिया गांव के समीप चांदन नदी में करीब पचास फीट की दूरी तक पुराने भवनों की तरह के अवशेष मिले हैं। ग्रामीणों का मानना है कि भवन के अवशेष काफी पुराने हो सकते हैं, यदि इस जगह की खुदाई की जाए तो यहां से किसी सभ्यता के होने का खुलासा हो सकता है।

ईंटों की बनावट से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि यह सभ्यता छठी शताब्दी से पहले की है। पुरातत्वविद सतीश कुमार का मानना है कि यह ईंट हाथ से थापकर बनाया गया है और इसे धान के डंठल से पकाया गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में अमरपुर आकर इसकी जांच करेंगे तब कुछ और बताया जा सकता है।

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मालूम हो कि महात्मा बुद्ध की पहली चारिका के तौर पर विशाखा का नाम आता है जिन्हें मिगारमाता भी कहा जाता है। भद्दई गांव में सैकड़ों वर्ष पूर्व महात्मा बुद्ध आए थे और विशाखा इसी गांव की बताई जाती है। भद्दई गांव कालांतर में भदरिया बनने की बात कही जा रही है। भवनों के अवशेष मिलने से पूरे क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल दिख रहा है।

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal