रेलवे ने महासेतु पर पहली बार चलाई ट्रेन, बिहार के लोगों का आसान होगा सफर

भारतीय रेलवे (Indian Railwaya) ने उत्तरी बिहार  (North Bihar) के लोगों का 90 साल पुराना सपना पूरा कर दिया है. 1.9 किमी लंबाई वाला यह कोसी महासेतु बनकर तैयार हो गया है.  23 जून 2020 को इस महासेतु (Mahasetu) पर पहली बार ट्रेन चलाई गई.

पूर्वोत्तर के रज्यों तक पहुंचना होगा आसान

रेलवे की ओर से बनाया गया ये कोसी महासेतु पुल, बिहार के मिथिलांचल (Mithilanchal) को कोसी क्षेत्र (Kosi region) से जोड़ेगा. रेलवे के कोसी महासेतु से होते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेल (North East Frontier Rail) के लिए भी दरभंगा (Darbhanga), झंझारपुर (Jhanjharpur), निर्मली (Nirmali) , सहरसा (Saharsa) , पूर्णिया (Purnia), कटिहार (Katihar)  होते हुए एक वैकल्पिक रेलवे रूट उपलब्ध हो जायेगा.

मिथिलांचल को कोसी क्षेत्र से जोड़ेगा महासेतु

कोसी नदी पर बनाए गए लगभग दो किमी लंबे रेलवे मेगा ब्रिज (Railway Bridge over Kosi River) की नींव 17 साल पहले पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) ने रखी थी. यह महासेतु न सिर्फ बिहार के मिथिलांचल (Mithila) और कोसी क्षेत्र को जोड़ने का काम करेगा, बल्कि भारत के लिए बेहद रणनीतिक महत्व का है. क्योंकि ये उत्तर भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ने का सबसे छोटा रास्ता होगा.

krishna hospital samastipur bihar

इन रूटों पर चलने लगी ट्रेन

रेलवे ने सहरसा-सुपौल रेलखंड पर पहले ही ट्रेन चलाना शुरू कर दिया गया था. इस नए रेल सेक्शन पर दरभंगा से सहरसा के बीच जल्द ही ट्रेनों को चलाया जाना शुरू कर दिया जाएगा. सहरसा सरायगढ़ रेलवे ट्रैक पर जल्द ही ट्रेनें चलने लगेंगी. रेलवे ने सकरी-झंझारपुर रेल सेक्शन पर पहले से ही ट्रेनें चलानी शुरू कर दी है. झंझारपुर से निर्मली के बीच नई रेल लाइन बिछाने का काम भी पूरा होने की बात कही जा रही हैं.

इनपुट : ZeeBiz

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal