लॉकडाउन 3.0: कोटा में फंसे बिहार के 1200 छात्रों की ‘घर वापसी’, स्पेशल ट्रेन से पहुंचे बेगूसराय

कोटा में फंसे बिहार के छात्रों के लिए सूबे में काफी सियासी हंगामा हुआ था। मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने नीतीश सरकार पर जमकर निशाना साधा था। फिलहाल अब प्रदेश सरकार को थोड़ी राहत मिलती नजर आ रही है, क्योंकि पहले कोटा से करीब 1186 मजदूर विशेष ट्रेन से बिहार पहुंचे। अब कोटा से करीब छात्र-छात्राओं को लेकर एक स्पेशल ट्रेन बरौनी जंक्शन पहुंची है।

लॉकडाउन के चलते कोटा में फंसे बिहार के छात्रों को थोड़ी राहत मिली है। कोटा से करीब 1200 छात्र-छात्रों को लेकर एक स्पेशल ट्रेन सोमवार सुबह बेगूसराय के बरौनी जंक्शन पहुंच गई। स्टेशन पर ही स्वास्थ्य कर्मियों ने छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की। इसके बाद इन छात्र-छात्राओं को उनके गृह जिले में भेजा जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से बसों की व्यवस्था की गई है।

कोटा से करीब 1200 छात्र-छात्राएं पहुंचे बिहार

राजस्थान के कोटा से छात्रों को लेकर चली स्पेशल ट्रेन सोमवार सुबह बरौनी जंक्शन पहुंच गई। इस ट्रेन में मुंगेर प्रमंडल के 8 जिले के 12 सौ से ज्यादा छात्र और छात्राएं बरौनी पहुंचे हैं। सबसे पहले छात्रों को स्टेशन पर ही स्वास्थ्य कर्मियों ने स्वास्थ्य जांच की। जांच के बाद सभी छात्र-छात्राओं को अपने-अपने जिला भेजा जाएगा, इसके लिए प्रशासन की ओर से बस की व्यवस्था की गई है।

स्टेशन पर स्वास्थ्य जांच, क्वारंटीन में रहेंगे

जिला पहुंचने के बाद छात्र-छात्राओं को प्रखंड स्तर पर बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। कोटा में फंसे छात्र-छात्राओं ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। छात्रों को न तो सही से खाना मिल रहा था, ना ही खाना बनाने के लिए राशन ही उपलब्ध हो पा रहा था।

बेगूसराय पहुंचे छात्र-छात्राओं ने क्या कहा

वहीं कोटा के हॉस्टल में रहने वाली कुछ छात्राओं ने बताया कि उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं हो रही थी लेकिन डर हमेशा बना रहता था कहीं कोरोना वायरस का शिकार ना हो जाएं। छात्र अपने-अपने घर पहुंचने पर काफी खुश दिख रहे थे।

छात्रों-मजदूरों के मुद्दे पर चढ़ा था सियासी पारा

कोटा में फंसे बिहार के छात्रों के लिए सूबे में काफी सियासी हंगामा हुआ था। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से छात्र-छात्राओं की वापसी की लगातार मांग कर रहे थे। उनका यही कहना था कि छात्रों को किसी भी सूरत में उनके घरों को पहुंचाया जाए। हालांकि, प्रदेश सरकार लॉकडाउन के नियमों के चलते इसके लिए तैयार नजर नहीं आई। इस बीच बिहार के सीएम नीतीश कुमार समेत कई राज्यों की ओर से इस मुद्दे को केंद्र के सामने उठाया गया। जिसके बाद केंद्र सरकार की ओर से प्रवासी मजदूरों और छात्रों को लेकर कुछ राहत का फैसला लिया गया। स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ, जिसके बाद मजदूरों और छात्रों की घर वापसी शुरू हुई।

Avinash Roy

Editor-in-Chief at Samastipur Town Web Portal

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